हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा सैलाना, कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब।
रतलाम/सैलाना। सावन माह के तृतीय सोमवार को सैलाना में आस्था, भक्ति और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जनजाति विकास मंच जिला रतलाम मध्यप्रदेश के तत्वावधान एवं कांवड़ यात्रा के संयोजक व जिला संयोजक मांगीलाल खराड़ी के नेतृत्व में भोले शंभु-भोलेनाथ गंगाजल भव्य कांवड़ यात्रा लगातार तीसरे वर्ष उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
हाथों में कांवड़ और जुबां पर हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयघोष के साथ पूरा सैलाना शिवभक्ति में डूबा नजर आया। यात्रा का शुभारंभ तहसील कार्यालय के सामने स्थित राम जानकी मंदिर परिसर (राम तालाब) में धर्मसभा के बाद हुआ।
विक्टोरिया तालाब को राम तालाब नाम देने का संकल्प।
धर्मसभा में समाजजनों एवं श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ऐतिहासिक विक्टोरिया तालाब का नाम बदलकर राम तालाब किए जाने का संकल्प लिया गया। आयोजकों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से इसी स्थान से कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है। यहां स्थित राम जानकी मंदिर की धार्मिक पहचान को देखते हुए तालाब को भी राम तालाब के नाम से पहचान दिलाने की पहल की जा रही है।
धर्मसभा के बाद कांवड़ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई अडवानिया स्थित श्री कल्याण केदारेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। भक्ति गीतों और जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा।
मंदिर पहुंचकर कांवड़ यात्रियों ने पवित्र गंगाजल से भगवान महादेव का विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। जलाभिषेक के साथ कांवड़ यात्रा का समापन हुआ।
नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान
मुख्य अतिथि श्रीमती यशोदा देवी पवन गुरु खूंटा, मच्छार, लीलवानिया-बागीडोरा, जिला बांसवाड़ा ने समाजजनों को नशामुक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की उन्नति में सबसे बड़ा बाधक है। युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार, मेहनत और सामाजिक उत्थान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
विशेष अतिथि श्री कालूराम जी सरपंच ने भी संबोधित करते हुए धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता और सकारात्मक संदेश पहुंचाने पर जोर दिया।
यात्रा संयोजक एवं जनजाति विकास मंच जिला रतलाम के जिला संयोजक मांगीलाल खराड़ी बेड़दी, सैलाना ने कांवड़ यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। जिला प्रमुख कैलाश जी भगत (भगत-पंडा), जिला रतलाम ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में सोहन जी चरेल, शंकरलाल जी मईड़ा मोरजर, राजू जी खराड़ी, राजू जी डामर, दुबलिया जी, ईश्वर जी डिंडोर, जीवनलाल मईड़ा, बाबूलाल जी निनामा, बहादुर जी मईड़ा, मुकेश जी सिंघाड़, बालू जी, शंभु जी डोडियार, शंकरलाल जी देवदा, कमजी जी निनामा, बद्रीलाल जी मईड़ा एवं नरसिंह जी राणा सहित समिति सदस्यों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
लगातार तीसरे वर्ष निकली कांवड़ यात्रा ने सैलाना को शिवभक्ति से सराबोर करने के साथ सामाजिक एकता, नशामुक्ति और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। वहीं विक्टोरिया तालाब को राम तालाब नाम देने का संकल्प इस वर्ष की यात्रा का विशेष आकर्षण रहा।

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