नया भील राज्य बनाने की मांग पर केंद्र से मिला सकारात्मक संकेत, विधायक डोडियार ने जताया भरोसा।
*सैलाना/रतलाम।* भील बाहुल्य क्षेत्रों को मिलाकर नए राज्य के गठन की मांग को लेकर विधायक कमलेश्वर डोडियार को केंद्रीय गृह मंत्री कार्यालय से आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र मिलने के बाद विधायक डोडियार ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार देश के आदिवासियों, गरीबों और वंचित वर्ग के हितों को सर्वोपरि रखते हुए जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक और न्यायोचित कदम उठाएगी।
विधायक डोडियार ने केंद्र सरकार को भेजे गए अपने( पत्र) ज्ञापनों में संविधान के अनुच्छेद-3 के तहत मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील-बाहुल्य जिलों को मिलाकर एक नए राज्य के गठन की प्रमुख मांग रखी है।
साथ ही उन्होंने इन क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक और प्रशासनिक स्थितियों का अध्ययन करने के लिए केंद्र स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की मांग भी की है।
आदिवासी युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए क्षेत्र में AIIMS, IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थान खोले जाएं।
नया राज्य बनने की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए विशेष विकास पैकेज स्वीकृत किया जाए।
इस अवसर पर विधायक डोडियार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के 79 साल बाद भी यह आदिवासी अंचल शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर काफी पिछड़ा हुआ है। रोजगार की कमी के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों को पलायन करना पड़ता है। कुपोषण और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं इस समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा हैं। इन्हें दूर करने के लिए एक ठोस दीर्घकालीन कार्ययोजना की आवश्यकता है।

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