सबजेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी, भावुक हुए भाई-बहन
सैलाना। रक्षाबंधन का पर्व नगर सहित पूरे अंचल में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह त्योहार भाई-बहन के आस्था, विश्वास और स्नेह का प्रतीक है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र एवं सुख-समृद्धि की कामना करती है, वहीं भाई बहन को उपहार देकर हर परिस्थिति में उसकी रक्षा करने का विश्वास दिलाता है। रक्षा बंधन का मूल भाव ही एक-दूसरे की रक्षा और रिश्तों को मजबूत करना है।
*बंदियों के बीच भी मनाया गया रक्षाबंधन पर्व*
रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार सुबह से ही सैलाना सबजेल में चहल-पहल दिखाई दी। जेल में निरुद्ध बंदियों को भी इस बात की उम्मीद थी कि पर्व के अवसर पर उनकी बहनें जेल पहुंचकर उनकी कलाई पर राखी बांधेंगी। दूर-दराज क्षेत्रों से कई बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए उपजेल पहुंचीं।
*बहनों ने बांधी राखी, खिलाई मिठाई*
कुंडल से आई मनीषा तथा बजला से आई थावरीबाई,करबलखोरा,सन्ताबाई,शम्भुड़ी,बीजु, सेमलिया सीताबाई सहित अन्य बहनों ने उपजेल पहुंचकर जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाई। राखी बांधते समय भाई-बहनों के बीच भावुकता का माहौल नजर आया। लंबे समय बाद भाई की कलाई पर राखी बांधकर बहनों के चेहरे पर खुशी और सुकून दिखाई दिया।
बहनों ने कहा कि जेल प्रशासन द्वारा उन्हें अपने भाइयों को राखी बांधने की अनुमति दिए जाने से उन्हें बेहद खुशी मिली। इस पहल से जेल की चारदीवारी के बीच भी भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावनाएं जीवंत हो उठीं। पर्व के दौरान बहनों ने अपने भाइयों की सुख-शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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