बहना ने भाई की कलाई पर बांधी राखी, भाई ने बहन को दिया ‘एक पौधा मां के नाम’
सैलाना। रक्षाबंधन का पर्व नगर सहित पूरे अंचल में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। भाई-बहन के अटूट प्रेम, आस्था और विश्वास के इस पर्व पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा का वचन देते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।
इस रक्षाबंधन पर कुछ भाइयों ने परंपरागत उपहारों से हटकर बहनों को ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा भेंट किया। भाई ने बहन को पौधा देते हुए उसकी देखभाल और उसे बड़ा करने की जिम्मेदारी भी सौंपी। इस पहल के माध्यम से भाई-बहन के रिश्ते के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
*रक्षा के वचन के साथ पर्यावरण बचाने का संकल्प*
रक्षाबंधन पर बहन ने भाई की कलाई पर रक्षा का पवित्र धागा बांधा तो भाई ने भी जीवनभर उसकी रक्षा का वचन दिया। इस वचन को एक कदम आगे बढ़ाते हुए पर्यावरण की रक्षा का संकल्प भी लिया गया। बहन को दिए गए पौधे को बड़ा होने तक उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी दी गई।
भाई-बहन द्वारा लगाया गया यह पौधा आने वाले वर्षों तक उनकी यादों से जुड़ा रहेगा। पौधा बड़ा होकर छाया, फल और स्वच्छ वातावरण प्रदान करेगा। इस तरह राखी के अवसर पर दिया गया यह अनोखा उपहार परिवार के लिए लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।
*इस रक्षाबंधन को बनाएं यादगार*
इस बार रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त को मनाया गया। पर्व को लेकर राखी के साथ पौधा भेंट करने की पहल ने पर्व को एक अलग संदेश भी दिया। ‘एक पौधा मां के नाम’ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया।
*सुबह से बाजारों में रही भीड़*
रक्षाबंधन को लेकर मिठाई, राखी, नारियल और किराना दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ रही। दुकानदारों ने आकर्षक साज-सज्जा कर दुकानें सजाई थीं। ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में लोग राखी की खरीदारी के लिए सैलाना पहुंचे। फैंसी राखियों के साथ साड़ियों की भी जमकर बिक्री हुई। साड़ी विक्रेता निलेश गोलेच्छा ने बताया कि दिनभर ग्राहकों की भीड़ रहने से फुर्सत नहीं मिली।
बसों में रही भारी भीड़
रक्षाबंधन के दो दिन पूर्व से ही बसों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। बहनों और बुआओं के अपने मायके पहुंचने का सिलसिला बना रहा। त्योहार के चलते बसों में खासी भीड़ रही। वहीं नगर के बाजारों में भीड़ बढ़ने से दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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