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हिंदी को करियर का आधार बनाकर विद्यार्थी रोजगार के नए अवसर तलाशें : प्रो. नागर

हिंदी को करियर का आधार बनाकर विद्यार्थी रोजगार के नए अवसर तलाशें : प्रो. नागर

सैलाना। शासकीय महाविद्यालय सैलाना, जिला रतलाम में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में “हिंदी भाषा के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर” विषय पर करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के क्षेत्र में उपलब्ध पारंपरिक एवं आधुनिक रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार की संभावनाओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. पी. पाटीदार ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुरूप रोजगारपरक कौशल विकसित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी के साथ तकनीकी एवं डिजिटल दक्षता हासिल कर विद्यार्थी रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

 कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. भरत लाल नागर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी अब केवल साहित्य और अध्यापन तक सीमित नहीं है। बदलते डिजिटल परिदृश्य में हिंदी के विद्यार्थियों के लिए पत्रकारिता, अनुवाद, कंटेंट राइटिंग, संपादन, प्रूफरीडिंग, विज्ञापन, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, रेडियो, टेलीविजन, प्रकाशन तथा ऑनलाइन शिक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएँ तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वरोजगार के विभिन्न विकल्पों की जानकारी देते हुए कहा कि ब्लॉग, यूट्यूब चैनल, पॉडकास्ट, ऑनलाइन हिंदी प्रशिक्षण, अनुवाद सेवा, डिजिटल कंटेंट निर्माण एवं स्वतंत्र लेखन के माध्यम से युवा स्वयं का रोजगार भी प्रारंभ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी के साथ कंप्यूटर, इंटरनेट, संचार कौशल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का ज्ञान विद्यार्थियों को रोजगार की प्रतिस्पर्धा में आगे ले जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरिओम अग्रवाल ने किया। उन्होंने हिंदी भाषा की व्यापक उपयोगिता और वर्तमान समय में हिंदी को करियर के रूप में अपनाने की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने भाषा कौशल को रोजगारपरक बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अशोक रावत ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. भूपेंद्र मंडलोई, प्रो. कविता चौधरी, प्रो. रविकांत सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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