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सैलाना क्षेत्र में सुकूनदायक बारिश से किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई की शुरू। ग्रामीण क्षेत्रों में अब की बार मक्के का रकबा बढ़ने की संभावना।

सैलाना क्षेत्र में सुकूनदायक बारिश से किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई की शुरू।

ग्रामीण क्षेत्रों में अब की बार मक्के का रकबा बढ़ने की संभावना।


सैलाना- सैलाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही सुकूनदायक बारिश ने किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है। लंबे समय से मानसून की बेरुखी के कारण किसान चिंतित नजर आ रहे थे, लेकिन लगभग एक माह की देरी के बाद मौसम ने करवट ली और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। गुरुवार को हुई तेज बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य तेज कर दिया है।

शुक्रवार सुबह सैलाना सहित आस- पास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसान ट्रैक्टर, सीड ड्रिल और अन्य कृषि उपकरणों के साथ खेतों में पहुंचने लगे। किसानों ने खेतों में सोयाबीन, मक्का, कपास, मूंगफली सहित विभिन्न खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर दी है। कई किसान अपने परिवार के सदस्यों और मजदूरों के साथ सुबह से ही खेतों में जुटे हुए हैं। ट्रैक्टरों से खेत तैयार कर बीजों की बुवाई की जा रही है।

किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी नियमित रूप से बारिश होती रही तो इस वर्ष खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की पूरी संभावना है। हालांकि, कुछ किसान अभी भी एक-दो अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। उनका मानना है कि क्षेत्र के सभी गांवों में समान रूप से वर्षा नहीं हुई है, ऐसे में जल्दबाजी में बुवाई करने से बीजों के अंकुरण पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए वे पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुवाई करना उचित मान रहे हैं।

सैलाना विधानसभा क्षेत्र के अड़वानिया, सरवन, कुंडा, शिवगढ़, सकरावदा, बासिंद्रा, रावटी, बाजना सहित अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि गुरुवार को हुई बारिश से खेतों में अच्छी नमी आ गई है। इसी वजह से उन्होंने सोयाबीन, मक्का, कपास, मूंगफली आदि की बुवाई का कार्य शुरू कर दिया है। किसानों ने उम्मीद जताई कि यदि मौसम इसी तरह मेहरबान रहा तो इस वर्ष अच्छी पैदावार मिलने की संभावना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

*मक्के का रकबा बढ़ने की संभावना-*

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ए.एस. निनामा ने बताया कि क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य शुरू हो चुका है। इस वर्ष मक्के के रकबे में 60 से 70 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसान इस बार मक्के की खेती की ओर अधिक रुझान दिखा रहे हैं, क्योंकि मक्का अपेक्षाकृत कम पानी में भी अच्छी उपज देने वाली फसल मानी जाती है।

उन्होंने बताया कि अड़वानिया, नारायणगढ़ और रामगढ़ गांवों को छोड़कर अधिकांश गांवों के किसान इस बार मक्के की फसल की बुवाई करने की तैयारी में हैं। यदि मानसून सामान्य बना रहा तो क्षेत्र में मक्के के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।

*बारिश से जगी बेहतर फसल की उम्मीद-*

सैलाना व अडवानीया गांव के किसान छोगालाल पाटीदार, देवचन्द्र पाटीदार, संजय पाटीदार, शांतिलाल पाटीदार आदी किसानो ने बताया की मानसून की शुरुआत में देरी से किसान चिंतित थे, लेकिन हाल की बारिश ने नई उम्मीद जगाई है। खेतों में बढ़ी नमी और बुवाई की गतिविधियों से ग्रामीण अंचलों में फिर से रौनक लौट आई है। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा होने पर इस वर्ष खरीफ सीजन उनके लिए लाभकारी साबित होगा।

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