नीम का पेड़ गिरने के बाद बढ़ा विवाद: एफआईआर, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक सरगर्मी से गरमाया सैलाना।
सैलाना: सोमवार सुबह बस स्टैंड पर वर्षो पुराना एक नीम का पेड़ गिर गया था। यह पेड़ नगर परिषद अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला के घर के बिल्कुल समीप हैं। घटना के तुरंत बाद नगर परिषद का अमला और अध्यक्ष शुक्ला यातायात सुचारू करने लगे । घटना से घायल अरूण पुत्र राजेश राठोड व मांगीलाल कपासिया को एल्डरमैन नाथुलाल राठोर, कालु कसेरा आदि अस्पताल लेगे गए थे। उसी दरम्यान पार्षद सलोनी मांडोत के पति प्रशांत मांडोत भी वहां पहुंचे। जो नजदीक ही अपनी किराना की दुकान पर बेठे थे। मांडोत का कहना था कि नगर परिषद की लापरवाही से ये हादसा हुआ। देखते ही देखते गहमा गहमी बढ़ गई। और दोनों पक्षों में हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। दोनों ही पक्षो ने अपने अपने साथ मारपीट व दुर्व्यवहार का आरोप लगाया बाद में मांडोत ने अपने समर्थकों के साथ पुलिस थाने पहुंच कर एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। उधर बाद में नगर परिषद अध्यक्ष और बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों ने भी अलग-अलग आवेदन सैलाना पुलिस थाने में दिए और मांडोत पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया और प्रकरण दर्ज करने की माँग की। थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया कि मांडोत की रिपोर्ट पर पुलिस ने अध्यक्ष शुक्ला के खिलाफ एफआईआर कर जांच शुरू की हैं। वहीं अध्यक्ष और कर्मचारियों के आवेदन जांच में लिए गए हैं। जांच के बाद विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी।उधर सैलाना अस्पताल में घायल को ईलाज के लिए ले गए उस दरम्यान नगर परिषद एल्डरमैन नाथूलाल राठौड़ की अस्पताल स्टॉफ से गहमागहमी हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक कमलेश्वर डोडियार मांडोत के निवास पर पहुंचे और कुशलक्षेम पूछी।विधायक ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। और कहा कि बड़े जनप्रतिनिधि से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती हैं ।
और भी हैं झुके पेड़
नगर में मुख्य मार्ग पर और भी एक पेड़ झुका हुआ हैं। नगर परिषद सूत्रों का कहना हैं कि मुख्य मार्ग के पेड़ो को देखने की जिम्मेदारी केवल नगर परिषद की नहीं बल्कि वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की भी हैं।उन्हें भी अपनी जिम्मेदार होना पड़ेगा। बहरहाल जो भी हो पर ऐसे पेड़ हादसे के पूर्व हटाना जरूरी हैं।

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