राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, मांगें नहीं मानी गईं तो 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल।
सैलाना/रतलाम। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश द्वारा जारी ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेशभर के लगभग 32 हजार संविदा कर्मचारी वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
संघ के अनुसार, पूर्व में भी कई बार शासन को ज्ञापन सौंपे गए तथा आंदोलन किए गए, लेकिन कर्मचारियों की प्रमुख मांगों का निराकरण नहीं हो सका। इससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कर्मचारियों ने निम्न मांगें रखी हैं—
मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को टी.टी. नगर स्टेडियम में की गई घोषणा के अनुसार संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
मध्यप्रदेश शासन की वर्ष 2023 की नीति के अनुरूप ग्रेच्युटी एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए।
अन्य राज्यों की तर्ज पर वार्षिक वेतन वृद्धि प्रदान की जाए।
बढ़ती महंगाई को देखते हुए महंगाई भत्ता दिया जाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के वेतन में पीबीआई आधारित असमानताओं को दूर किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाए।
संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह अर्जित अवकाश का लाभ मिले।
समान कार्य के लिए समान वेतन एवं सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा
संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
25 से 27 मई 2026 तक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
29 एवं 30 मई 2026 को जिले के कलेक्टर, सीएमएचओ एवं बीएमओ को ज्ञापन सौंपे गए।
31 मई से 1 जून 2026 तक जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों को पोस्टकार्ड एवं ज्ञापन भेजे गए।
2 जून 2026 से जिले के समस्त कर्मचारी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
8 जून 2026 को प्रदेशभर के कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
संघ ने कहा है कि यदि आंदोलन लंबा चला तो जिले सहित पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। कर्मचारियों का कहना है कि शासन समय रहते मांगों का समाधान करे ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों की उपेक्षा की जा रही है। यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Post a Comment
0 Comments