संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक हैः राठौड़
संत रविदास मुर्ति में प्राण प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न
सैलाना- संत रविदास 16वीं सदी के ऐसे संत, कवि हुए हैं जिन्होने मानव समाज में व्याप्त असमानता, ऊँच नीच, भेदभाव का विरोध करते हुए मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया था। उनके विचार, पद आज भी गुरुग्रंथ साहस में भी दर्ज है। जिनके आगे लोग मथ्था टेकते है। समग्र मानव समाज के लिए संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगीक है।
यह विचार निकटस्थ ग्राम आम्बा में संत रविदास अम्बेडकर युवा विकास समिति द्वारा मंदिर में आयोजित संत रविदास की मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा अवसर पर अखिल विष्व गायत्री परिवार के तहसील समन्वयक कान्तीलाल राठौड़ ने व्यक्त किये।
प्रारंभ में बैंड बाजो के साथ कलशयात्रा व संत रविदास की मूर्ति का चल समारोह निकाला गया जो पूरे ग्राम में भ्रमण करते हुए मंदिर पहुंचा जहाँ गायत्री परिवार के कान्तीलाल राठौड़ व सुनील तीवारी ने गायत्री महायज्ञ के साथ प्राण प्रतिष्ठा करवाई।
समारोह में ग्राम आम्बा के राज परिवार से नरेन्द्रसिंह बना, अनील पाटीदार,बाबुलाल पाटीदार,लक्ष्मीनारायण पाटीदार, जगदीष परिहार सैलाना, मदनलाल धमाणिया बोदीना, बालाराम मिणा जावरा,दिलीपसिंह राठौर,मुकेष परिहार सहीत बड़ी संख्या में महीला पुरूशो ने भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया। अन्त में आभार सरपंच आषाराम परिहार ने माना।

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