महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह श्रद्धा एवं वैदिक रीति-विधानों के साथ सम्पन्न, महंत आनंद गिरि बने महामंडलेश्वर।
रतलाम। पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के सान्निध्य में आयोजित भव्य महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रीजी पैलेस, रतलाम में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर महंत आनंद गिरि जी महाराज को विधिवत रूप से महामंडलेश्वर पद की उपाधि प्रदान की गई।
कार्यक्रम के पूर्व भव्य चल समारोह का आयोजन किया गया, जो राम मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्रीजी पैलेस पहुंचा। चल समारोह में संत-महात्माओं, भक्तों एवं विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मार्ग में अनेक स्थानों पर विभिन्न संगठनों एवं श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर संतों का भव्य स्वागत किया गया। पूरे मार्ग पर धार्मिक जयघोषों एवं भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पट्टाभिषेक समारोह में श्री श्री 1008 श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज (अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, अध्यक्ष मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट एवं सचिव पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा), अनंत श्री विभूषित आनंद अखाड़ा पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालक आनंद गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी चरित्र प्रकाश आनंद गिरि जी महाराज (वृंदावन धाम), श्री श्री 1008 श्री महंत रामरतन गिरी जी महाराज (सचिव, पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा), महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी शांति स्वरूप आनंद गिरि जी महाराज (चार धाम पीठाधीश्वर, उज्जैन) तथा अंतर्राष्ट्रीय महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी वैराग्य नंद गिरि जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में यह पदवी प्रदान की गई।
समारोह के दौरान पंडित जितेंद्र नागर द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन एवं अभिषेक सम्पन्न कराया गया। संत-महात्माओं के सान्निध्य में महंत आनंद गिरि जी महाराज को महामंडलेश्वर पद पर सुशोभित कर सनातन धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का दायित्व सौंपा गया।
इस अवसर पर संत समाज ने अखाड़ा परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए धर्म रक्षा एवं आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में भक्तगण, संत-महात्मा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नव नियुक्त महामंडलेश्वर का अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
समारोह के समापन पर महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। शिवोदय शिवशक्ति साधना सेवा संस्थान ने सभी पधारे साधु संत एवं भक्तगणों का आभार व्यक्त किया।

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