रामद्वारा विवाद को लेकर सैलाना दोपहर तक रहा बंद, सनातन समाज चारभूजा नाथ मंदिर से पैदल निकाला जुलूस।
सैलाना। नगर के धार्मिक महत्व वाले रामद्वारा स्थल को लेकर हुए विवाद के विरोध में गुरुवार को सैलाना बंद का आह्वान रामद्वारा बचाओ समिति सनातन धर्म द्वारा किया गया जिसके तहत दोपहर तक सैलाना बंद रहा। दोपहर को चारभुजा नाथ मंदिर से पैदल जुलूस निकाला। यह जुलूस नगर के घंटाघर चौराहा रामद्वारा के समीप सड़क पर धरने पर बैठ कर हनुमान चालासा का पाठ कर राम नाम का जप किया। महिलाओ ने भजन कीर्तन किए। लोगो ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि रामद्वारा के रजिस्ट्री निरस्त करो तथा संतों की तोड़ी गयी समाधी का पुनः निर्माण हो तथा दोषियो पर पुलिस कार्रवाई हो के नारे लगाए जा रहै थे।
रामद्वारा बचाओ समिति का आरोप है कि रामद्वारा की पवित्र भूमि पर अवैध कब्जे और कथित फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से धार्मिक स्थल रजिस्ट्री की गयी । उस रजिस्ट्री को निरस्त किया जाए। कुछ देर बाद धरना स्थल पर एसडीएम तरुण जैन, एसडीपीओ नीलम बघेल, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा तथा मुख्य नगर परिषद अधिकारी मनोज शर्मा अपने साथ दस्तावेज लेकर पहुंचे और दस्तावेज जांच कर कहा कि वर्तमान मे यह जमीन निजी हैं व संत रामविलास जी को संत परम्परा के मुताबिक यह जमीन उनके स्वामित्व की है। रजिस्ट्री केन्सल के लिए आपको सिविल कोर्ट जाना पड़ेगा। इस बात को लेकर कुछ देर एसडीएम व उपस्थित लोगो में गहमा-गहमी भी हुई।
एसडीएम ने किया निरीक्षण ।
नागरिको के कहने पर एसडीएम तरुण जैन ने एसडीओपी नीलम बघेल, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा तथा सीएमओ मनोज शर्मा के साथ रामद्वारा का निरीक्षण कर उपस्थित लोगों से कहा कि मैं डिस्टिक रजिस्टार को भी पत्र लिखूंगा। नगर परिषद में पहले से ही इस जमीन के नामांतरण होते आए है। आपको सिविल में केस दर्ज करना होगा। यह मेरे कार्य क्षेत्र में नहीं है। उसके बाद वह वहां से चले गए। इधर रामद्वारा बचाओ अभियान के सनातन धर्मी सड़क पर बैठ गए और समाधी स्थल तोडने वालो पर एफआईआर दर्ज करने की बात कहने लगे। कुछ देर बाद एसडीओपी नीलम बघेल थाने पहुंची तो कुछ लोग वहां पहुंचे उसके बाद एफआईआर दर्ज करने की बात कही।
नगर परिषद ने थमाया नोटिस।
श्री रामद्वारा मंदिर से जुड़े विवाद के बीच अब नगर परिषद सैलाना ने बड़ा कदम उठाते हुए रामद्वारा परिसर में निर्मित दुकानों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा जारी सूचना पत्र में श्री रामद्वारा मंदिर के व्यवस्थापक संत रामविलास महाराज को नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर समस्त दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि रामद्वारा मंदिर परिसर में बिना सक्षम स्वीकृति के दुकानों का निर्माण कर उन्हें किराये पर संचालित कराया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। इस संबंध में नगर परिषद को लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तीन दिनों के भीतर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रामद्वारा को लेकर हो गयी एफआईआर।
मदन लाल पुत्र भागीरथ कुमावत ने सैलाना थाने में रामद्वारा को लेकर एफआईआर दर्ज करवाई की नगर के वार्ड क्रमांक 09 में बोदिना रोड सैलाना स्थित रामद्वारा आश्रम में संत स्व. 1008 निर्मल राम शास्त्री की पार्थिव देह जो की समाथी में स्थित थी। उक्त समाथी स्थल एवं पार्थिव देह को तोडकर नष्ट कर दी है। जिसमें भक्तो द्वारा उक्त समाथी स्थल पर प्रतिदिन नगर एवं आस पास के क्षेत्र के श्रदालु द्वारा पुजा अर्चना परिक्रमा की जाती था। श्री संत स्वर्गीय निर्मलरामजी शास्त्री की समाथी स्थल तोड़कर उस भुमि को विक्रय कर दिया है और शेष बची भुमि पर अतिक्रमण कर स्कूल संचालित कर रहा है उक्त भुमि पर दुकाने बना कर दुकानो से किराया ले रहा है। जिसका आय का उपयोग स्वंय निजी उपयोग कर रहे है। वर्तमान में दिलीप व रामविलास द्वारा धार्मिक भावनाओं को आहत कर परिसर में श्रदालुओं को आने जाने नही दिया जा रहा है इस प्रकार हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर रामद्वारा भुमि को हड़पना चाहते है एवं समाथी स्थल तोडकर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचायी है। आज मैं अपने साथ आशीष पिता राजेन्द्र निवासी सैलाना व गोपाल पिता बद्रीलाल पाटीदार निवासी सैलाना को साथ लेकर थाने पर रिपोर्ट करने आया हूँ। रिपोर्ट करता हूँ। कार्यवाही की जावे।


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