सैलाना नगर में जर्जर और खतरनाक पेड़ों का होगा सर्वे, नगर परिषद ने वन विभाग से मांगी रिपोर्ट।
*जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर कार्रवाई, समय रहते छंटाई की बनेगी योजना*
सैलाना- नगर में लगातार पेड़ों के गिरने की घटनाओं से जन-धन की हानि होने के बाद नगर परिषद ने गंभीर कदम उठाया है। परिषद ने वन विभाग अधिकारी को पत्र भेजकर नगर के विभिन्न वार्डों में खतरनाक एवं जर्जर पेड़ों का सर्वे कराने और विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
नगर परिषद सीएमओ मनोज शर्मा के अनुसार पिछले कुछ समय में नगर के अलग- अलग क्षेत्रों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए ऐसे पेड़ों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना जरूरी हो गया है।
नगर परिषद को जनप्रतिनिधियों द्वारा भी विभिन्न वार्डों में ऐसे पेड़ों की जानकारी दी गई है, जो सूख चुके हैं, झुक चुके हैं या किसी भी समय गिरकर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर वन विभाग से तकनीकी सर्वे कराने की मांग की गई है।
*इन स्थानों पर चिन्हित किए गए हैं पेड़-*
नगर परिषद द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में जिन स्थानों का उल्लेख किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से-
वार्ड क्रमांक 1 में बांसवाड़ा रोड स्थित एक मकान के पास दो पेड़।
वार्ड क्रमांक 4 में जैन धर्मशाला के पीछे इमली का पेड़।
वार्ड क्रमांक 4 में दयानंद गली स्थित एक मकान के पास पेड़।
वार्ड क्रमांक 5 में सनाढ्य धर्मशाला के समीप एक मकान के पास पेड़।
वार्ड क्रमांक 6 में नेहरू मार्ग स्थित बजाज शोरूम के पास पेड़।
वार्ड क्रमांक 7 में कुजण्डा गली स्थित एक मकान के पास पेड़।
वार्ड क्रमांक 11 एवं 12 में विभिन्न स्थानों पर खतरनाक पेड़।
वार्ड क्रमांक 11 में महात्मा गांधी मार्ग पर एक मकान के पास पेड़।
वार्ड क्रमांक 12 में वैद्यराज गली स्थित मकान के पास पेड़।
वार्ड क्रमांक 12 में महात्मा गांधी मार्ग (मेन रोड) पर एक मकान के पास पेड़।
वार्ड क्रमांक 14 में अन्नपूर्णा माता मंदिर एवं अंबे माता मंदिर, उदय विहार कॉलोनी के पास पेड़।
वार्ड क्रमांक 15 में शिवगढ़ रोड स्थित नाग बावजी मंदिर के पास इमली का पेड़।
इसके अलावा नगर के अन्य वार्डों में भी संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों का सर्वे किया जाएगा।
*रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई-*
नगर परिषद ने वन विभाग से अनुरोध किया है कि सभी चिन्हित पेड़ों का तकनीकी निरीक्षण कर यह बताया जाए कि कौन-कौन से पेड़ पूरी तरह काटे जाने योग्य हैं तथा किनकी केवल छंटाई पर्याप्त होगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार पेड़ों की कटाई एवं छंटाई कराई जाएगी, ताकि बरसात और तेज हवाओं के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
*बारिश से पहले सुरक्षा पर जोर-*
नगर परिषद का कहना है कि मानसून के दौरान तेज हवा और बारिश में कमजोर एवं पुराने पेड़ों के गिरने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए समय रहते सर्वे और आवश्यक कार्रवाई कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। परिषद ने उम्मीद जताई है कि वन विभाग शीघ्र सर्वे कर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएगा, जिससे नगर में दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सके।

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