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सैलाना अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त, जनप्रतिनिधियों के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप।

सैलाना अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त, जनप्रतिनिधियों के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप।

सैलाना- सोमवार सुबह क्षेत्र के दो जन प्रतिनिधियों की पहल पर सैलाना के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर की सफाई व्यवस्था चाकचौबंद की गई। दरअसल परिसर में वार्डों के इर्द-गिर्द दो से अधिक स्थानों पर बड़ी- बड़ी झाड़ियां व गाजर घास उगी हुई थी। साथ ही पास से गंदा नाला बहकर जा रहा था। इस कारण पूरे परिसर में गंदगी का साम्राज्य था और मरीजों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा था। 

दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य प्रशासन की जमकर खिंचाई की और भविष्य में साफ-सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के को कहा।

यह है मामला-

दरअसल सोमवार सुबह 10:30 बजे अचानक औचक निरीक्षण के लिए जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा सैलाना के शासकीय अस्पताल परिसर पहुंच गए। वहां की अव्यस्थाएं एवं सफाई व्यवस्था लगभग ना के बराबर होने पर आक्रोशित निनामा ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर शैलेश डांगे से चर्चा कर व्यवस्था सुधारने को कहा। इस बीच जनप्रतिनिधि एवं ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की बहस के बीच जब यह बात सामने आई कि आखिर अस्पताल परिसर सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है? स्वास्थ्य विभाग या नगर परिषद? नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला मिली सूचना के आधार पर खुद मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था परिसर की जिम्मेदारी जिस प्रकार से स्वयं संस्था की होती है, उसी प्रकार से चिकित्सालय परिसर की साफ सफाई की जिम्मेदारी नगर परिषद की नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग की है। स्वास्थ्य विभाग के पास खुद के ही स्वीपर है। जिन से नियमित साफ सफाई करवाना चाहिए। 

अंतत: यह हुआ-

आखिरकार इस औचक निरीक्षण और नगर परिषद अध्यक्ष की उस समय वहां मौजूदगी से एक सकारात्मक सार निकला कि मानवता के आधार पर नगर परिषद अध्यक्ष ने तुरंत अपने कुछ स्वीपरों को वहां भिजवाकर जेसीबी की मदद से झाड़ियां और गाजर घास की सफाई करवाई। साथ ही बह रहे नाली की भी साफ सफाई करवा कर उसकी गाद निकलवाई। जो भी हो, इस पूरे मामले का सकारात्मक सार यही निकला की कोई भी इस बहस में ज्यादा नहीं पड़ा की सफाई कौन करवाएं। और नगर परिषद ने नियमों से परे जाकर भी परिसर की साफ सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद करवा दी।

अन्य व्यवस्थाओं का भी किया निरीक्षण-

इससे पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निनामा ने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं को और सुधारने को कहा। उन्होंने उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से असंतोष प्रकट किया वह कहा कि।

महिला डाक्टर की कमी अखरने वाली है। एंबुलेंस पूरे समय अस्पताल परिसर में खड़ी रहे इस हेतु भी उन्होंने बीएमओ को कहा।

व्यवस्थाएं सुधारने को कहा-

जिला पंचायत उपाध्यक्ष निनामा ने बाद में मिडीया से चर्चा में कहा कि वैसे तो पूरा अस्पताल भवन कई जगह से जर्जर स्थिति में है। इसके लिए भी हाथों-हाथ सीएचएमओ से चर्चा की गई। दवाओं के स्टॉक में सर्दी खांसी की दवाई नहीं पाई गई। अस्पताल में महिला चिकित्सक का अभाव भी दुखदाई है। अन्य व्यवस्थाओं को भी सुधारने की जरूरत है‌। इन सब चीजों के लिए सीएचएमओ से चर्चा कर व्यवस्थाएं सुधारने को कहा गया‌‌ साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष शुक्ला के साथ तालमेल बैठाकर तुरंत परिसर की झाड़ियां और गाजर घास को हटवा कर सफाई करवाई गई। 

हमारा कार्य नहीं, फिर भी काम करवाया-*

उधर नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में बाद में बताया कि किसी भी संस्था या अस्पताल परिसर के अंदर की सफाई की जिम्मेदारी नगर परिषद की नहीं होती है। फिर भी वहां पर साफ सफाई व्यवस्था चकबंदी नही होने पर हमने नगर परिषद के स्वीपरों से झाड़ियां और गाजर घास जेसीबी की मदद से हटवाई। और नाले की सफाई करवाई। यह कार्य सिर्फ मानवता के आधार पर करवाया है। अस्पताल प्रशासन अपनी व्यवस्थाएं सुधारे।


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