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सैलाना की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा मंथन 300 से अधिक प्राचार्य-शिक्षकों की समीक्षा बैठक, जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष केशुराम निनामा ने गुणवत्ता सुधार का दिया रोडमैप...

सैलाना की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा मंथन 300 से अधिक प्राचार्य-शिक्षकों की समीक्षा बैठक, जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष केशुराम निनामा ने गुणवत्ता सुधार का दिया रोडमैप...


 सैलाना ~ माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में गुरुवार को सैलाना विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से दो चरणों में विशाल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष एवं जिला पचांयत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनपद सदस्य चंदू मईडा, डीपीसी अखिलेश राजपूत, बीईओ गोविंदराम धड़ींग, बीआरसी नरेंद्र कुमार पासी, एमआरसी प्रकाश सोलंकी, प्राचार्य डी.के. पाटीदार, जितेंद्र कुमार गुप्ता, गजराज सिंह सिसोदिया, लखनलाल शास्त्री, वीरेंद्र कुमार मिण्डा, लालसिंह मईडा, महेंद्र सिंह, संदीप जैन, प्राचार्या सुनीता छजलानी, स्मिता शुक्ला, सरिता मोहनिया, विनोद पांचाल, मुस्तकीम सिद्दीकी, कनेरिया जी सहित करीब 300 से अधिक प्राचार्य, जनशिक्षक, संस्था प्रधान, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

बैठक का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यालय संचालन, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक को दो चरणों में आयोजित किया गया, जिसमें पहले चरण में हाई सेकेंडरी विद्यालयों तथा दूसरे चरण में प्राथमिक विद्यालयों एवं जन शिक्षा केंद्रों की समीक्षा की गई।

मुख्य अतिथि केशुराम निनामा ने कहा कि नियमित शिक्षकों की उपलब्धता के बावजूद यदि शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्न उठते हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। 

उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर से ही बच्चों की मजबूत नींव तैयार करना आवश्यक है। विद्यार्थियों में भयमुक्त वातावरण तैयार कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है। उन्होंने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि शिक्षक स्वयं भोजन की जांच करें, बच्चों के साथ बैठकर भोजन करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में विद्यालयों में बिजली, पेयजल, पहुंच मार्ग, सीमांकन, मरम्मत तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों से लिखित आवेदन लेकर इन समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया गया। साथ ही लोक निर्माण विभाग द्वारा जीर्ण-शीर्ण घोषित 26 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय भवनों के स्थान पर नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराने का भरोसा भी दिलाया गया।

बैठक में उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों को भी सराहा गया। माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर की NEET चयनित छात्राओं में लक्ष्मी निनामा (384), सूरज राजेन्द्र सिंह (357), पायल भंवरलाल (341), कविता राजेन्द्र सिंह (335), पूनम डोडियार (331), मनीषा सुरेश (322) एवं पायल डिंडोर (321) को विशेष रूप से बधाई दी गई। वहीं ग्राम गुडवेंली के प्राचार्य लालसिंह मईडा की सराहना करते हुए बताया गया कि उनके विद्यालय ने शून्य प्रतिशत से शत-प्रतिशत परिणाम तक पहुंचकर शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है, जबकि कई हाई सेकेंडरी विद्यालयों ने 90 से 95 प्रतिशत तक परीक्षा परिणाम प्राप्त किए हैं।

केशुराम निनामा, जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष ने कहाँ हमारा लक्ष्य केवल विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाना नहीं, बल्कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ बच्चों की पढ़ाई, मध्यान्ह भोजन और विद्यालय की व्यवस्थाओं पर नियमित निगरानी रखें। जहां भी बिजली, पानी, भवन, सड़क या अन्य आधारभूत सुविधाओं की कमी होगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा। मेरा संकल्प है कि सैलाना क्षेत्र का प्रत्येक विद्यालय बेहतर शिक्षा का केंद्र बने और हर विद्यार्थी अपने लक्ष्य को हासिल कर जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करे।

वहीं चंदू मईडा, जनपद सदस्य की  कहाँ शिक्षा ही समाज और क्षेत्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है। समीक्षा बैठक में शिक्षकों द्वारा रखी गई सभी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लिया गया है। विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं के विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। हमारा उद्देश्य है कि सैलाना का हर विद्यालय उत्कृष्ट परिणाम दे और हर बच्चा बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़े।

बैठक में साक्षरता अभियान, संकुल गतिविधियों, विभागीय समन्वय तथा शिक्षकों की मैदानी समस्याओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अंत में जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष केशुराम निनामा ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी, बेहतर मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण से सैलाना क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी तथा प्रत्येक बच्चे का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होगा।

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