शिवरात्रि पर दिनभर शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
सैलाना। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर सहित आसपास के क्षेत्र के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भोर से ही शिवभक्त दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे और पूरा दिन हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
नगर के समीप अडवानिया केदारेश्वर एवं सरवन रोड स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर पर दिनभर भारी भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने कुंड में स्नान कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। यहां रतलाम, धामनोद, डेलनपुर, करिया, आम्बा, पिपलोदा, जावरा, सरवन, शिवगढ़ सहित राजस्थान के गांवों से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे और पुजा की।
नगर में निकले भोलेबाबा।
सी तरह नगर के बांसवाड़ा रोड स्थित प्राचीन नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से भक्तों की आवाजाही बनी रही। सायंकाल मंदिर से भोलेबाबा निकले नगर में जो शंकर मंदिर से चल समारोह शुरू हुआ शेखजी मोहल्ला, रंगवाड़ी मोहल्ला, भोई मोहल्ल,बस स्टैंड,सदर बाजार, गणेश मंदिर पेलेस चौराहा होता हुआ शंकर मंदिर पहुंचकर महा आरती की गई। मंदिर परिसर में डीजे की धुन पर झूमते श्रद्धालु दिखाई दिए। यहां भगवान की प्रसादी में खिचड़ी, श्रद्धालुओं को दूध पिलाया गया।
*महाशिवरात्रि की किवदंती*
लोकमान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का शुभ विवाह हुआ था। भगवान शिव कैलाश पर्वत से नंदी पर सवार होकर भूत-प्रेत, देव-दानव, त्रिदेव और समस्त जीव-जगत के साथ हिमालय के महाराज हिमावन की पुत्री माता पार्वती के यहां बारात लेकर पहुंचे थे। इसी दिव्य विवाह की स्मृति में यह पर्व महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।
*पूजा-अर्चना का विधान*
इस दिन महिला-पुरुष, बच्चे व बुजुर्गों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर दूध, दही, बिल्वपत्र, टेसू, आंकड़े, धतूरे के पुष्प, नारियल व हार-फूल अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
मुक्तिधाम मे की विषेश विद्युत सज्जा।
नगर के बोदीना रोड स्थित मुक्तिधाम (शान्तिवन) पर महा शिवरात्री पर समिति की और से विशेष विद्युत सज्जा की जो आकर्षक का केंद्र रही।




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