सैलाना नगर में काव्यांजलि काव्य गोष्ठी का हुआ प्रथम आयोजन।
सैलाना - संक्रांति पर्व पर नगर में साहित्यिक गतिविधि के तहत निरंजन कसेरा के मार्गदर्शन में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया l इस गोष्ठी में नगर के रचनाकारों ने अपनी अपनी रचना का पाठ किया । इस अवसर पर गोष्ठी के संयोजक युवा रचनाकार इंद्रेश चंडालिया ने यह विचार रखा कि सैलाना नगर में पूर्व में कई साहित्य और कवित्त विद्व रहे है जिन्होंने कई मंचों पर सैलाना का नाम रोशन किया है किंतु वर्तमान समय की पीढ़ी साहित्य विधाओं से दूर होती जा रही है l इस विचार के अंतर्गत वर्तमान पीढ़ी को साहित्य ओर काव्य रचना के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए एवं सैलाना को साहित्य की मुख्य धारा में लाने के लिए इस तरह की गोष्ठी का आयोजन किया गया है l साथ ही सभी रचनाकारों ने इस बात पर एक रुपता के साथ काव्यांजलि काव्य गोष्ठी को प्रतिमाह आयोजित करने की भी स्वीकारोक्ति प्रदान करी l काव्यांजलि के सभी रचनाकारों ने यह भी अनुरोध किया कि नगर का कोई भी रचनाकार जो अपनी स्वयं की रचना का पाठ इस तरह की काव्य गोष्ठी में करना चाहे वह सहभागिता कर सकता है l काव्य गोष्ठी की शुरुवात में काव्यांजलि के मार्गदर्शक निरंजन कसेरा ने मा शारदे की सुमधुर स्तुति के साथ काव्यांजलि गोष्ठी की शुरुवात करी l इसके बाद क्रम से शैलेंद्र सिंह, हर्षित प्रजापत, कुलदीप पाटीदार, दिव्यांश पाठक, प्रशांत दवे, पियूष जैन , इंद्रेश चंडालिया ने अपनी रचनाओं का पाठ किया l

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