कृष्ण गोपाल गौशाला बोदिना में श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी।
श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से सफल होता है मानव जीवन – पं. शास्त्री।
सैलाना। मकर संक्रांति के पावन पर्व के अवसर पर ग्राम बोदिना स्थित श्रीकृष्ण गोपाल गौशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के अंतर्गत दूसरे दिन भी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। क्षेत्र के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति से गौशाला परिसर पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
कथा वाचक पंडित ललित शास्त्री (सांगा खेड़ा वाले) ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण उद्बोधन में कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के चित्त को शांति, मन को स्थिरता और जीवन को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। वर्तमान की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रत्येक व्यक्ति को कुछ समय ईश्वर स्मरण और कथा श्रवण के लिए अवश्य निकालना चाहिए।
गुरुवार को कथा के दौरान पंडित शास्त्री ने संगीतमय शैली में अनेक पौराणिक एवं आध्यात्मिक प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने विदुर जी के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सच्चा ज्ञान और भक्ति किसी पद या वैभव की मोहताज नहीं होती। इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण के शांति दूत बनकर हस्तिनापुर जाने का मार्मिक प्रसंग सुनाया, जिसमें उन्होंने धर्म, सत्य और अहिंसा का संदेश दिया।
कथा में आगे कपिल मुनि के अवतार का वर्णन करते हुए कर्म और ज्ञान के महत्व को समझाया गया। सती अनुसूया के तप, त्याग और पवित्रता का उल्लेख करते हुए उनके द्वारा दिए गए आशीर्वाद का महत्व बताया। दक्ष प्रजापति के अहंकार, सती के जन्म, भगवान भोलेनाथ से उनके विवाह, यज्ञ कुंड में सती के आत्मोत्सर्ग तथा हिमाचल राजा के यहां सती के पुनर्जन्म जैसे प्रसंगों को संगीतमय भजनों और कथानक के साथ प्रस्तुत किया गया, जिससे श्रोतागण भाव-विभोर हो उठे।
कथा के दौरान भजनों की मधुर प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे और वातावरण ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं बुजुर्गों ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
यह श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव को समस्त ग्रामवासी बोदिना द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें ग्रामवासियों का भी सहयोग सराहनीय रहा।
इस अवसर पर सकल पंच बोदिना ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस संगीतमय भागवत कथा का रसपान करने एवं अपने मानव जीवन को धर्ममय बनाकर सफल करने का आह्वान किया।


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