युवाओं को यदि डिप्रेशन से बचना हो तो हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करना चाहीए कैलाश विजयवर्गीय
.....नीलकंठ धाम घटवास में संपन्न हुआ महायज्ञ और संत सम्मेलन.....
नामली-- हम लोग स्कूलों में पढ़ते थे तब स्कूल पढ़ाई के पश्चात प्रतिदिन सुबह हनुमान चालीसा का पाठ और शाम को रामायण भागवत गीता जैसे ग्रंथों का पाठ करते थे लेकिन आज के युवा इन ग्रंथों का महत्व समझते भी नहीं है और कई युवा तो आज के समय में नशे के आदि हो गए है इस कारण छोटी-छोटी बातों को लेकर यह डिप्रेशन में चले जाते है युवाओं को यदि नशा ही करना है तो हनुमानजी ने किया था राम की भक्ति का नशा,भगत सिंह ने किया था देश भक्ति का नशा और उस नशे में ही कहा था देश के लिए एक भगतसिंह मर जाएगा तो सो भगतसिंह जन्म लेंगे वही एक छोटे से गांव में संस्कार ऋषि गुरुदेव दिनेश जी व्यास को भी है धर्म की गंगा बहाने का नशा ऐसा नशा करने का संकल्प आज के युवाओ और इस धर्म सभा में उपस्थीत सभी गुरु भक्तो को लेना चाहिए जिससे मनुष्य जीवन का एक नव निर्माण होगा उक्त बात नीलकंठ धाम घटवास में चल रहे 108 अष्टोत्तर शत कुंडात्मक श्री हनुमत महायज्ञ सत्संग एवं संत सम्मेलन रविवार को समापन अवसर पर कार्यक्रम में सम्मिलित हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कही उन्होंने आगे यह भी कहा है कि एक छोटे से गांव में जहां गौशाला का निर्माण हो संतों का सम्मेलन हो महायज्ञ हो धर्म की गंगा बहती हो इस तरह के पवित्र आयोजन जा होते हो वहां पहुंचकर ऐसे आयोजन में सम्मिलित होने से ही चारों धाम की यात्रा का पुण्य लाभ मिल जाता है वही विजयवर्गीय के द्वारा गाए धार्मिक भजनों पर पंडाल में बैठे गुरु भक्तों ने जमकर नृत्य भी किया रतलाम शहर विधायक चैतन्य कश्यप रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना सहित कई अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इस एक छोटे से गांव में संस्कार ऋषी दिनेश व्यास गुरुजी के सानिध्य में हुए इस भव्य आयोजन को शांतिपूर्ण सफल करवाने में उनकी प्रशंसा करते हुए कहां की आप हम सभी को ऐसे ग्रुप के मार्गदर्शन पर चलकर जीवन में अपने परिवार के बच्चों को गुरुदेव के बताए मार्ग पर चलकर दिए संस्कारों से आगे बढ़ना होगा रविवार को कार्यक्रम के समापन अवसर पर दोपहर 12:00 यज्ञ की पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में भव्य गंगाजल शोभायात्रा निकाली गई उसके बाद दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक संतो का सम्मेलन हुआ जिसमें कई राष्ट्रीय संत भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए हैं एवं धर्म सभा संबोधित किया वही हजारों गुरु भक्तों ने इस भव्य धार्मिक आयोजन में पहुंचकर महाआरती के पश्चात भंडारे में भोजन प्रसादी का लाभ लिया।


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