अब स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों की रोकथाम की जिम्मेदारी संस्था प्रधान की,शिक्षा विभाग ने माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश के परिप्रेक्ष्य में जारी किए आदेश।
सैलाना। अब पूरे प्रदेश के शिक्षालयों में संस्था प्रधान स्कूल परिसर में कुत्तों को भगाने की जिम्मेदारी भी उठाएंगे। दरअसल कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि के मद्देनजर माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय ने ये कदम उठाए हैं।और इस आशय के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
*संस्था प्रधान होंगे नोडल अधिकारी*
माननीय उच्चतम न्यायालय स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश और काटने की घटनाओं से खासा नाराज हैं। पूर्व में न्यायालय के आदेश पर ही उक्त विभाग ने प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए थे कि सभी संस्थाएं अपने अपने स्तर पर अपनी अपनी संस्था में क्षेत्र के किसी लोकसेवक करना है को इस समस्या के निराकरण के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित करे। इस आदेश को जब संबंधितों ने हवा में उड़ा दिया तो लोक शिक्षण संचालनालय ने अब अपने अगले आदेश में संस्था प्रमुख को ही नोडल अधिकारी नामित कर इस समस्या के निराकरण के निर्देश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं।
*9 को जारी हुआ ये आदेश*
9 फरवरी को लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डी एस कुशवाह के हस्ताक्षर से जारी आदेश में आवारा कुत्तों को भगाने की जिम्मेदारी के लिए सीधे सीधे अब संस्था प्रमुखों को पाबंद किया गया हैं। अब देखना यही हैं कि प्रदेश और जिले में संस्था प्रमुख इस मैंन नई जिम्मेदारी का पालन कैसे करके इस समस्या से कैसे निपटते हैं।

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